आईआरएडी एप पर सड़क दुर्घटना में घायल व मृतकों का डेटा दर्ज करना होगा अनिवार्य

इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी ) एप/वेब रोड एक्सीडेंटए से मरने व घायल होने वालो की सूचना अपडेट होगी | आए दिन रोज होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नई कवायद शुरू की है | भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनआईसी के साथ मिलकर एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस तैयार करने के लिए एक एप / वेब विकसित किया है| आईआरएडी अपने जिले में होने वाली दुर्घटनाओं का विवरण दर्ज किया जायेगा | इसका अध्ययन आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ करेंगे |इस एप्लीकेशन के जरिये पुलिस सड़क दुर्घटनाओ को आँनस्पॉट दर्ज कर रही है| परिवहन विभाग गाडियों का मोटर व्हीकल इंस्पेक्शन कर रहा है |हाइवे डिपार्टमेंट दुर्घटना स्थल की रोड डिटेल अपडेट करेगे | चिकित्सा विभाग रोड एक्सीडेंट के घायलों की सूचना अपडेट करेगा | यह जानकारी योजना के नोडल अधिकारी एवं उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हृदय नारायण मौर्य एवं डी आई ओ एन.आई.सी. बी.आर.विनोद कुमार उन्होंने बताया की इसके लिए एन.आई.सी. के रोल आउट मैनेजर विमल सिंह के द्वारा चिकित्सको एवं कंप्यूटर ओपेरटर को एन.आई.सी. कार्यालय में 7 अप्रैल को प्रशिक्षण दिया गया | प्रशिक्षण में मौजूद स्वास्थ कर्मियों को बताया गया कि एप के प्रयोग से सड़क हादसों में होने वाले नुकसान को कम करने के साथ ही भविष्य में मार्ग दुर्घटनाओ में कमी आएगी| इसका उदेश्य सड़क दुर्घटना के डेंजर जोन को चिन्हित कर घायल लोगो को गोल्डेन आवर में जरुरी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराकर म्रत्यु दर के साथ ही दुर्घटना में कमी लाना है| इस परियोजना के तहत स्वास्थ कर्मी दुर्घटना के घायलों को बेहतर इलाज देने का प्रयास करने के साथ घायलों की मेडिकल रिपोर्ट डिस्चार्ज समरी ड्रंक ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधिसूचना एप पर अपडेट कर पुलिस विभाग को ऑनलाइन सूचित करेंगे|

