एक ऐसा जन नेता राजीव राय जिसने राजनीति को बनाया जनता की सेवा का माध्यम





एक ऐसा जन नेता जो चुनाव हारने के बाद भी जनता की सेवा के लिये हमेशा खड़ा रहा। जिसने बिना पद के और न ही किसी पद की लालसा रखे हमेशा अपनी जनता के लिये चलते रहे और तमाम फोरम पर लोगो के हितों की बात रखने वाले ऐसे नेता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय की जिनकी जन्मभूमि बलिया जनपद का सुरही गाँव रहा। लेकिन उन्होंने अपनी कर्मभूमि मऊ को चुना। 2014 में राजीव राय को समाजवादी पार्टी ने घोसी लोकसभा से अपना उम्मीदवार बनाया मगर राजीव राय चुनाव हार गये। चुनाव हारने के बाद भी राजीव राय ने घोसी लोगसभा की जनता को नही छोड़ा और लगातार 2014 से जनता की सेवा में लगे हुये है। चाहे सुख हो या दुःख हर समय अपने लोगो के लिये कंधे से कंधा मिला कर चलने वाले राजीव राय ने हर वर्ग के लोगो को एक नजर से देखते है। चाहे वो किसी भी जाति या धर्म का हो यदि वो मुश्किल में है और ये बात उनके तक पहुँच जाती तो वो चाहे कही भी हो मदद मुश्किल में फसे व्यक्ति के दरवाजे तक पहुंच जाती। कोरोना काल के दौरान की बात की जाय तो घोसी लोकसभा क्षेत्र के साथ  उत्तर प्रदेश के दूसरे जनपद के कई नौजवान मलेशिया में नौकरी के लिये गये और कोरोना को लेकर लाकडाउन लगा दिया गये । और कम्पनी बन्द हो गयी। जिससे कई युवा मलेशिया में फस गये यहाँ तक कि उन्हें अपने देश लौटने के उनके पास पैसे भी नही थे और वहाँ की कम्पनी ने उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया। किसी तरह मलेशिया में फंसे लोगों ने राजीव राय का मोबाइल नम्बर प्राप्त कर । उनके वाट्सएप पर उनसे संपर्क किया और अपनी पीड़ा सुनायी उनका दर्द सुन राजीव राय अपने निजी खर्चे पर मलेशिया में फंसे नवजवानों को उनके घर तक पहुँचाया । साथ विगत दिनों कोरोना की दूसरी लहर के दौरान घोसी लोकसभा क्षेत्र की सदर विधानसभा के बड़ागाँव के रहने वाले एक राजभर परिवार के कमाऊ व्यक्ति का निधन हो गया । उस समय राजीव राय कोरोना संक्रमण की चपेट में खुद आ गये थे काफी लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे। अस्पताल में भर्ती रहे इस दौरान उन्हें बड़ागाँव निवासी बाबूलाल राजभर के निधन के बाद उसके घर की माली हालत की जानकारी फोन के माध्यम से मिली तो उन्होंने तत्काल अपने सहयोगियों से मृतक के परिवार की मदद करने को कहा। उनके सहयोगियों ने बड़ागाँव पहुँच कर मृतक बाबूलाल राजभर के परिवार को राशन के साथ की आर्थिक सहयोग भी किये।स्वस्थ होने के बाद जब राजीव राय घोसी आये तो वे बाबूलाल राजभर के परिजनों से मिले और उसके पाँच बेटियों और दो बेटों को उनकी पूरी शिक्षा दीक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली । वही राजीव राय लोगसभा का चुनाव हारने के बाद भी लोगो के बीच बने हुये है। राजीव राय अपने भाषणों में हमेशा कहते रहते है कि राजनीति जनता की सेवा के लिये करनी चाहिये  । राजीव राय लोकसभा का चुनाव लड़े हारे और हारने के बाद उन्होंने कभी घोसी की लोगो का साथ नही छोड़ा। घोसी लोकसभा व विधानसभाओ  की बात की जाये तो कई ऐसे नेता आये चुनाव जीते और चले गये। उन्होंने उनलोगों से से दूरी बनाये रखे उन्होंने उन्हें लोकसभा और विधानसभा तक पहुँचाया वही विकास के लिये आज तड़प रहा है तो वही मऊ की जनता कल्पनाथ राय के रूप में राजीव राय की तरफ़ देख रही है। जो एक बार फिर मऊ को विकास के रास्ते पर वापस लायेगा। और मऊ के  विकास की रफ्तार को धार देगा राजीव राय ने राजनीति का ककहरा छोटे लोहिया कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र से सिखा है ।



अन्य समाचार
फेसबुक पेज
<< जुंआ खेलते हुये 04 व्यक्ति गिरफ्तार, कब्जे से 52 ताश के पत्ते व 2800 रुपये बरामद-*
मऊ में अपर पुलिस महानिदेशक ने जाना कानून व्यवस्था का हाल >>