क्या है मऊ एसपी की दर्पण-सत्य मेव जयते एक दृष्टि में

पुलिस की प्राथमिकताओं में से एक जनसुनवाई प्रणाली में पारदर्शिता व सुचिता लाने की दिशा में *पुलिस अधीक्षक मऊ अनुराग आर्य द्वारा गुरुवार को पुलिस लाईन के सभागर कक्ष में ’’दर्पण’’ परियोजना का शुभारंभ किया गया* । इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा फरियादियों द्वारा विगत दिनों में प्रस्तुत की गयी समस्याओं को बारी-बारी से सुना गया तथा इसके सम्बन्ध में जांचकर्ता/विवेचक से भी तथ्यों को सुना गया एवं फरियादियों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शितापूर्ण एवं नियमानुसार कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकारीगण/जांचकर्ता व विवेचकों को निर्देशित किया गया।
*दर्पण - सत्यमेव जयते एक दृष्टि में-*
1. प्रत्येक सप्ताह पुलिस कार्यालय में प्राप्त कुल प्रार्थना पत्रों में से 25 शिकायत कर्ता बुलायें जायेंगे जिनमें 20 शिकायत प्रार्थना पत्र के आवेदक होंगे तथा 05 विवेचना सम्बन्धी शिकायतों के आवेदक होंगे।
2. समस्त प्रार्थना पत्रों के जांचकर्ता अधिकारी व विवेचनाधिकारी बुलाये जायेंगे।
3. जांच अधिकारी द्वारा पूर्व में प्रेषित आख्या पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
4. यदि आवेदक की समस्या का समाधान जांचकर्ता अधिकारी द्वारा अच्छे तरीके से कराया गया है तो पुरस्कृत किया जायेगा तथा झूठी आख्या/रिपोर्ट लगाने वाले जांच अधिकारी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
5. अगर यह पाया जाता है कि कोई आवेदक किसी गलत नियत से या अपनें प्रतिपक्षी के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उसको फसाना चाहता है तो उसके विरुद्ध धारा 182 व 211 भादवि के अन्र्तगत न्यायालय को रिपोर्ट दी जायेगी।
6. आवश्यकता पड़ने पर किसी भी विवाद के सम्बन्ध में दोनों पक्षों को भी बुलाया जायेगा।
7. जांचकर्ता अधिकारी जांच के दौरान मौके पर जानें की फोटो भी लेकर आयेंगे तथा जमीनी विवाद है तो विवादित स्थल की भी फोटो लेकर आयेंगे।
8. इस व्यवस्था को रिजर्व पुलिस लाइन मऊ में सप्ताह में एक दिन समय 12 बजे से 01 बजे तक संचालित किया जायेगा।
इसी क्रम मे आज दर्पण के प्रथम सत्र में ---
*1* . आवेदिका श्रीमती माया सिंह निवासिनी रस्टीपुर थाना सरायलखंसी द्वारा, असामाजिक तत्वों द्वारा घर से बेदखल करने की कोशिश किये जाने के सन्दर्भ में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच उ0नि0 जनार्दन सिंह द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि आवेदिका माया सिंह पत्नी महेन्द्र प्रताप सिंह जो लगभग 10 वर्षों से अपने परिवार सहित उसी मकान में रहती हैं, पहलेे वह मकान कमली देवी ने माया सिंह को वसीयत किया था। कमला देवी से पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि ये लोग कमली देवी के रिश्तेदार हैं तथा इन लोगों ने कमली देवी को इतना परेशान कर दिया कि उन्होन वसीयत अपने देवर राजेन्द्र सिंह के नाम कर दिया। प्रार्थना पत्र में लगाये गये आरोप निराधार एवं असत्य पाया गया।
*2* . आवेदक रामजनम व अन्य निवासी सरवां थाना सरायलखंसी द्वारा जमीन पर अवैध कब्जे के सन्दर्भ में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच उ0नि0 जनार्दन सिंह द्वारा की तो ज्ञात हुआ कि दोनों पक्षों में चाकाउट को लेकर विवाद था जिसमें दोनों पक्षों द्वारा सुलह कर लिया जिस पर शांति व्यवस्था के दृष्टिगत दोनों पक्षों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गयी।
*3* . आवेदिका नीलू कौशिक निवासिनी निजामुद्दीनपुरा थाना कोतवाली पड़ोसी कन्हैया द्वारा शराब पीकर गाली गलौज किये जाने के सम्बन्ध में दिये प्रार्थना पत्र की जांच उ0नि0 अजय कुमार सिंह द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि वादी व प्रतिवादी आपस में परिवारिक सम्बन्ध हैं, इस दौरान आवेदिका द्वारा निवेदन किया गया हम लोगों आपस में समझौता कर लिया है तथा अब कोई कार्यवाही नही चाहते हैं।
*4* . आवेदिका लक्ष्मी देवी निवासिनी हठ्ठीमदारी थाना कोतवाली द्वारा अपने पति द्वारा मारे-पीटे जाने के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच उ0नि0 शकील अहमद द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि पति व पत्नी में आये दिन कहासुनी होती रहती है जिससे परेशान होकर पति राजकोट चला गया तथा उसके पति से जरिये मोबाइलफोन बात की गयी तो उसने बताया कि वापस आने पर अपनी पत्नी को समझा-बुझाकर मामले का निस्तारण कर लूंगा। साथ ही साथ आवेदिका के ससुर द्वारा लिखित रुप से दिया गया कि मैं अपने पुत्रवधू को प्रताड़ित नही करुंगा जिस पर आवेदिका भी सहमत है।
*इस तरह से कुल 20 प्रार्थना पत्रों में 12 आवेदक/आवेदिका संतुष्ट पाये गये तथा 08 अन्य में पुनः मामले की जाँच हेत सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।*
थाना सरायलखंसी में नियुक्त उपनिरीक्षक जनार्दन सिंह द्वारा गुणवत्तापूर्ण समस्याओं का निस्तारण कराया गया है तथा फरियादी संतुष्ट भी है। इनके उत्कृष्ठ कार्य किये जाने को उनकी टीम को 05 हजार रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी वहीं थाना सरायलखंसी पर नियुक्त उपनिरीक्षक रामानुज द्वारा समस्याओं के निस्तारण में उपेक्षापूर्ण रवैया अख्तियार करने पर 07 दिवस के वेतन कटौती का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी मधुबन, प्रतिसार निरीक्षक, वाचक पुलिस अधीक्षक सहित काफी संख्या में वादी/प्रतिवादी व उनके जांचकर्ता/विवेचक उपस्थित रहे।

