निर्जलीकरण के लिए वरदान है ओआरएस का घोलः डॉ संजय सिंह

*-विश्व ओआरएस दिवस पर चिकित्सक ने बचाव के सुझाए उपाय*
मऊः शरीर में पानी का कम हो जाना खतरे का संकेत होता है। निर्जलीकरण की अवस्था में अनेक प्रकार के रोग शरीर को प्रभावित करते हैं। इससे बचने के लिए ओआरएस का घोल वरदान की जैसा होता है। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए प्यास लगने पहले ही पानी का सेवन करते रहना चाहिए। प्रसिद्व चिकित्सक, निदेशक शारदा नारायण हास्पिटल डॉ संजय सिंह ने यह उदगार सोमवार को विश्व ओआरएस दिवस पर व्यक्त किया। डॉ सिंह ने बताया कि अपने आहार में तरल पदार्थों से युक्त खाद्य सामग्री का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए। पुरुषों को प्रतिदिन लगभग चार लीटर व महिलाओं को तीन लीटर पानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। अत्यधिक प्यास लगना, कम बार पेशाब होना, गहरे हरे रंग का मूत्र होना, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति बनना इसके लक्षण हैं। ऐसी स्थिति होते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

