सुभासपा के अब्बास अंसारी ने भाजपा को 38 हजार वोटो से हराया था

मऊ : एमपी-एमएलए कोर्ट से सदर विधायक अब्बास अंसारी को सजा मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सदस्यता रद्द कर विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। इसकी सूचना प्रकाशित होते ही जल्द ही सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कयास लगने लगे है। वहीं विधानसभा के संभावित उम्मीदवारों के बीच हलचल तेज हो गई।
विधानसभा 2022 के सामान्य चुनाव में अब्बास अंसारी ने सदर विधानसभा सीट पर पहली बार सपा व सुभासपा के बीच गठजोड़ होने से सुभासपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में अब्बास ने पहली ही बार में भाजपा के उम्मीदवार अशोक सिंह को 38,116 वोट से हरा दिया। सदर विधानसभा सीट पर 13 उम्मीदवाराें ने अलग-अलग राजनैतिक दल और निर्दल के रूप में चुनाव लड़ा। जिसमें भाजपा और बसपा के अलाव किसी भी दल व निर्दल उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। सामान्य चुनाव में कुल 2,78,996 लोगों ने मतदान किया। जिसमेें 2,77,449 लोगों ने इवीएम और 1,547 लोगों ने वैलेट पोस्टल के माध्यम से मतदान किया। इस चुनाव में सुभासपा के अब्बास अंसारी को 1,24,691 भाजपा के अशोक सिंह को 86,575, बसपा के भीम राजभर को 44,516, कांग्रेस के माधवेंद्र सिंह को 6,589, जनता क्रांति पार्टी राष्ट्रवादी के राम किशोर को 6,576, सीपीआई के फकरे आलम को 2,640, मुनौवर को 2,406, नौटो को 1,310, निर्दल उम्मीदवार रहे जितेंद्र चौहान को 969, मोबिन अहमद को 924, आप के विक्रमजीत सिंह को 623, निर्दल राजपत चौहान को 433, एसयूसीआइ के शैलेंद्र को 379 व निर्दल परमहंश को 365 वोट मिला था। इसमें सपा व सुभासपा गठबंधन पहले स्थान पर, भाजपा दूसरे, बसपा तीसरे और कांग्रेस पार्टी चौथे स्थान पर रही। वहीं विधानसभा चुनाव में सपा की सत्ता में वापसी नहीं होने की वजह से सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश ने गठबंधन तोड़ भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया। भाजपा ने मंत्रीमंडल विस्तार में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कैबिनेट में शामिल कर पंचायती राज विभाग का दायित्व सौ्ंप दिया।

