निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में मजदूर की मौत साथियों का प्रदर्शन

मऊ। कसारा मे मेडिकल कॉलेज के शुक्रवार को शाम निर्माण में लगें एक मजदूर की मौत के बाद आक्रोशित मजदूरों ने काम रोकते हुए निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया । मेडिकल कॉलेज पर धरना-प्रदर्शन की सुचना के बाद मृतक के शव भी परिजन मौके पर लेकर पहुंच गए। जिसके बाद मजदूर और भी आक्रोशित हो गए। शव रखकर मजदूर काफी देर तक वहीं पर हंगामा करते रहे। मजदूरों की मांग थीं कि मृतक परिवार को पचास साल रूपए की आर्थिक सहायता के साथ साथ बच्चियों के शादी विवाह के खर्च और एक लड़के को मेडिकल कॉलेज में नौकरी दी जाय । हालांकि कि काफी देर तक हंगामा करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन या कोई जिम्मेदार अधिकारी मजदूरों की बात सुनने नहीं आया। जिसके बाद मजदूर शव रखकर अभी भी निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के सामने जमे हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती कर दी गई है। शुक्रवार को कसारा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान शिव नाथ पुत्र तिलेश्वर नवल पुर रतोही थाना हलधर पुर गांव निवासी की गिरकर घायल हो गया। घटना के बाद घायल मजदूर को ठेकेदार गाड़ी में लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन काफी चोट के कारण मजदूर को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि ठेकेदार और अस्पताल के डाक्टरों ने बिना पुलिस के सुचना और पोस्टमार्टम कराएं शव को दाह-संस्कार के लिए घर ले जाने को कहा। जैसे ही मजदूरों की मौत की खबर मिली वे आकर्षित हो गये। और मौत के दूसरे दिन मृतक मजदूर के शव को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। उन्होंने ने शव को पोस्टमार्टम कराते हुए मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और बच्चियों के शादी विवाह के खर्च की जिम्मेदारी उठाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांग करने लगे। हालांकि कि मेडिकल कॉलेज के ठेकेदार द्वारा चार पांच लोगों को आकर अकेले में अपनी बात कहने को कहा गया लेकिन मजदूर सुनने को तैयार नहीं थे। मजदूरों का कहना था कि धरना प्रदर्शन स्थल पर आकर मजदूरों की मांगे सुनी जाय। लेकिन काफी देर तक मजदूरों की बातें सुनने के लिए ठेकेदार या अस्पताल के तरफ से कोई नहीं आया। जिसके बाद मजदूर शव वहीं रखकर धरना प्रदर्शन करते हुए मौके पर प्रशासन के अधिकारियों के आने की मांग करते रहे थे। उधर मृतक मजदूर के छः लड़कियां और एक लड़का बताया गया है । पिता की मौत पर रो रो कर उनका बुरा हाल है । मजदूरों ने बताया मृतक घर का एक मात्र कमाऊ था ।

