आरक्षण ने बिगाड़ा दिग्गजो के अपनो का खेल

पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की तैयारिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर है तो वही आरक्षण का प्रकाशन कर दिया गया अब आपत्तियो का दौर चल रहा है जल्द ही आरक्षण का फाइनल प्रकाशन भी कर दिया जाएगा।जारी आरक्षण से कई दिग्गजो कि सीटों पर उनके विपरीत आरक्षण होने से अब नये सीट के तलाश की भी सरगर्मी बढ़ गयी है वही बात करे ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तो इस बार जनपद के कई दिग्गज नेताओं की गण की सीटें उनके मंशा के विपरीत हुई है रानीपुर ब्लाक की बात की जाये तो रानीपुर ब्लॉक की प्रमुख सीट पर पूर्व मंत्री व भाजपा से विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह अपने भाई अरुण सिंह व उनकी पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनवाने में कामयाब रहे मगर इस बार उक्त रानीपुर ब्लॉक प्रमुख की सीट एससी होने से पूरा गणित धरा का धरा रह गया है वही एमएलसी यशवंत सिंह के पुत्र विक्रांत सिंह के जिला पंचायय सदस्य की सीट सुलतानीपुर एससी होने से वे भी दूसरी सीट से चुनाव लड़ने की जद्दोजहद शुरू कर दिए है तो वही घोसी ब्लॉक की बाद कि जाये तो 2015 के ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह अपने पुत्र सुजीत सिंह को ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर बिठाने में कामयाब हो गये थे मगर इस बार घोसी ब्लॉक प्रमुख सीट पिछड़ी होने से चुनावी समीकरण का खेल खराब हो गया है ब्लॉक प्रमुख चुनाव की बात करे तो सबसे दिलचस्प मुकाबला मोहम्मदाबाद गोहना की सीट सामान्य होने से बढ़ गया है।

