पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर एक बार फिर हलचल तेज





पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी कर दिया गया था साथ ही उस पर आपत्ति माँगी गयी थी और उन आपत्तियों के निस्तारण के बाद आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाना था मगर अंतिम प्रकाशन से पूर्व ही हाईकोर्ट की लखनऊ भेज ने अंतिम प्रकाशन पर रोक लगा दी थी वही माननीय उच्च न्यायालय के रोक के बाद चुनाव लड़ने और लड़ाने वाले उम्मीदवारों की निगाहें सोमवार को माननीय न्यायालय के आदेश पर टिक गयी थी कि न्यायालय का क्या आदेश होगा वही सोमवार को न्यायालय के आदेश आने के बाद से एक बार फिर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जो मैदान में उतर चुके थे वे असमंजस में फस गये है तो वही आरक्षण के बाद घर बैठे उम्मीदवारो को मानो सोमवार को संजीवनी मिल गयीं और वे एक बार फिर सक्रिय हो गए है वही लोगों के बीच सीट को लेकर एक बार फिर कौतूहल मचा है कि इस बार उनकी सीट का पर क्या होगा ।



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