गोंद लिए टी0बी0 पीडित दो मरीज को दिया पौष्टीक आहार

शारदा नारायण हास्पिटल में विश्व टी0बी0 दिवस के अवसर पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गोंद लिए टी0बी0 पीडित दो मरीज ओनिजा शाहीन व गुलशन कुमार को पौष्टीक आहार का पैकेट शारदा नारायन हास्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा0 एकिका सिंह व क्रिटिकल केयर स्पिेश्यिलिस्ट डा0 सुजीत सिंह ने भेंट किया। आगे डा0 संजय सिंह ने कहा कि टी0बी0 का पूरा नाम ट्यूबरकूल बेसिलाइ है यह छूत का रोग है अगर इसको प्रारभिक अवस्था में न रोका गया तो यह जानलेवा साबित होता है।यह व्यक्ति को धीरे धीरे मारता है उन्होने कहा कि टी0बी0 को क्षय रोग के नाम से जाना जाता है। दुनिया में सात करोड़ लोग इस बिमारी से ग्रस्त है और प्रेत्यक वर्ष 20 से 30 लाख मरीजो की मौत हो जाती है। देश में हर तीन मिनट में दो मरीज टी0बी0 के कारण दम तोड़ देते है। लेकिन सही समय पर पुरा इलाज कराया जाय तो मरीज पुरी तरह से स्वस्थ्य हो सकता है। डा0 सिंह ने बताया कि अगर इसका पुरा इलाज न किया जाय तो यह रोग कभी खत्म नही हो पायेगा। अक्सर ये देखने मे मिलता है कि जब मरीज थोडा ठिक महसुस करने लगता है तो लापरवाही बरतने लगता है तथा इलाज बीच मे छोड देता है जिससे ये बिमारी पुरी तरह से ठिक नही हो पाती है। अतः इस बिमारी का पुरा इलाज करना चाहिये और साथ ही साथ खाने पिने का पुरा ध्यान रखना चाहिये और मरीज को संतुलित आहार के साथ हाईप्रोटिन डाइट लेना बहुत जरूरी होता है यह एक संक्रामक बिमारी है। डा0 सिंह ने टी0बी0 के लक्षण एवं बचाव के बारे में बताया कि तीन सप्ताह से अधिक खासी आना, बुखार जो खास तौर पर जो साम को बढता है, छाती मे दर्द वनज का घटना, भुख मे कमी, फेफडो का इन्फेक्सन बहुत ज्यादा होना ये टी0बी0 के आम लक्षण है।बच्चो के जन्म से एक माह के अन्दर टी0बी0 का टीका लगवाये, खासते, छिकते समय मुह पर रूमाल रखे, रोगी जगह जगह न थुके पुरा इलाज कराये, अल्कोहल और धुम्रपान से बचे। इस अवसर पर न्यूरो सर्जन डा0 रूपेश के0 सिंह,डा0 गौतम कुमार, श्री अजीत सिंह,डा0 सतीश सिंह,डा0 गुलाम , शिवकुमार सिंह,मनीष ,आलोक,आदि लोग उपस्थित थे ।

