मोटे और महीन दाना की यूरिया में समान गुणवत्ता- जिला कृषि अधिकारी





 

मऊ।  वर्तमान समय में कृषकों द्वारा अपने धान की फसल में यूरिया को प्रयोग को देखते हुए आज जनपद मऊ को 1350 मीट्रिक टन  इफको यूरिया प्राप्त हुई है। इसके संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने अवगत कराया है कि इफको यूरिया जनपद की साधन सहकारी समितियों  तथा अन्य इफको  संस्थाओं के माध्यम से  वितरित किया जाएगा। वर्तमान समय में जनपद में अच्छी बारिश हो रही है। जिसके कारण कृषकों द्वारा यूरिया की डिमांड काफी बढ़ गई है। जिसको देखते हुए जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त सप्लाई करने हेतु आज महीन दाना इफको यूरिया की एक रैक प्राप्त हुई है। अभी पिछले सप्ताह में निजी और सहकारी क्षेत्र में मोटे और महीन दाना यूरिया की रैक प्राप्त हुई थी। जिस के क्रम में बहुत से किसान भाइयों द्वारा मोटे दाना यूरिया के क्रय में कुछ दिक्कत बताई गई थी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मोटे दाने की यूरिया और महीन दाना यूरिया की  गुणवत्ता में कोई अन्तर नहीं है । मोटे दाना की यूरिया और भी फायदेमंद है। क्योंकि दाने का आकार महीन दाने की यूरिया से बड़ा होने के कारण  यह पानी में घुलने में महीन दाने से ज्यादा समय लेती है ,तथा स्लो रिलीजिंग होने के कारण फसलों को अधिक से अधिक समय तक प्राप्त होती रहती हैं । मोटे एवं महींन दाना की यूरिया में समान नाइट्रोजन की मात्रा (46%)पायी जाती है। जनपद के समस्त थोक एवं फुटकर निजी एवं सहकारी  उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि कृषकों को उनकी जोत के हिसाब से पी ओ एस मशीन से ही आधार से बायोमैट्रिक तरीके से उर्वरकों की  बिक्री करें । यदि कोई उर्वरक विक्रेता इसका उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी ।जनपद में यूरिया उर्वरक की कोई कमी नहीं है ।जनपद में यूरिया  उर्वरक  की रैक लगातार प्राप्त हो रही है।



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