देश की सीमा पर मऊ का लाल शहीद





हलधरपुर थाना क्षेत्र के गांव चकरा में गुरुवार के दिन प्रातः 38बर्षीय जवान की शहीद होने की सूचना आते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। पिता,पत्नी बच्चों तथा पड़ोसियों का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित सम्भ्रान्त  ब्मक्तियो ने दिन भर ढांढस बंधाया।      
  थाना क्षेत्र के चकरा निवासी किसान विश्वनाथ यादव के बड़े पुत्र गणेश यादव झांसी में सन् 2002मे आर्मी में सिपाही के पद पर तैनात हुए। उसके बाद वह आसाम में तैनात हुए।लाकडाऊन  के दौरान तीन माह तक घर पर रहे।इसी दौरान उन्होंने ने एक हनुमान जी का मंदिर का निर्माण भी कराया। छुट्टी बिताने के बाद वह डियूटी पर चले गए। बुधवार के दिन लद्दाख में आतंकवादियों के मूठभेड में वह शहीद हो गए। शहीद होने की सूचना पाते ही पति बिश्वनाथ यादव शहीद की पत्नी तारा देवी रोते-रोते बुरा हाल हो गया। बचपन से ही शहीद गणेश यादव धार्मिक प्रवृत्ति के थे। अप्रैल माह में आकर वह हनुमानजी की मूर्ति का मंदिर में स्थापित करने वाले थे। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। शहीद दो भाई थे छोटे भाई राजेश कुमार यादव बाम्बे में रहकर नीजी संस्थान में नौकरी करते हैं। शहीद गणेश यादव के दो बच्चों में बड़ी बेटी आशमा 10बर्ष तथा बेटा आकाश 8बर्ष का है। शहीद के घर सुबह से ही आने-जाने वालों का तांता लगा रहा लोग परिजनों को समझाते रहे। 



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