जिसे तलाशती रही रानू की निगाहें नही दिखा वो

ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर गुरुवार को मुहमदाबाद में पर्चा दाखिल किया गया जिसमें भाजपा से पूर्व ब्लॉक प्रमुख रानू सिंह दूसरी बार मुहमदाबाद मे ब्लॉक प्रमुख का नामांकन किया नामंकन के दौरान रानू सिंह पूरे लाव लश्कर व भाजपा नेताओं के साथ पहुँची सब थे भारी भरकम समर्थक भाजपा के दिग्गज नेता रिश्तेदार लेकिन पूरे नामांकन के दौरान रानू सिंह की निगाहें उस पूरे भीड़ में एक व्यक्ति को तलाशती रही जो उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले और उनके पिछले चुनाव में ताना बाना बुनने वाले उनके पति अजित सिंह बताया जाता है गुरुवार को रानू ने मुहमदाबाद से ब्लॉक प्रमुख पद के लिये नामांकन की लेकिन अपने पति को याद कर रानू की आँखे नम हो जाती रही लेकिन अपने आँखों के आँसू रानू सिंह ने छुपाए रहे कहि ये आँसू बाहर आगये तो समर्थकों का मनोबल न टूट जाये अजीत की हत्या के बाद पहली बार रानू सिंह अपने पति की राजनीतिक विरासत को बचाने और एक दशक से मुहमदाबाद में प्रमुख की सीट पर अजीत के कब्जे को बरकरार रखने के लिये रानू सिंह भाजपा के बैनर तले मैदान में है लेकिन अजीत के बिना रानू की डगर इतनी आशान भी नही लग रही क्योंकि जब पहली बार रानू सिंह मुहम्मदाबाद का ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ी को उनके पति अजीत सिंह ने पर्दे के पूछे से पूरा जीत का चुनावी ताना बाना बुना और अजीत ने अपनी पत्नी रानू को ब्लाक प्रमुख बनवाने में कामयाब रहे पहली बार चुनाव लड़ी रानू सिंह पति को पर्दे के पीछे से पूरी चुनावी गणित को देख रानू सिंह ने अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही थी लेकिन इस बार रानू सिंह ब्लॉक प्रमुख पद के लिये चुनावी मैदान में है और इस बार रानू की जीत का ताना बाना बुनने वाले उनके पति अजीत सिंह की हत्या कर दी गयी है और अजीत की हत्या के बाद कोई बड़ा चुनाव लड़ रही रानू सिंह के माथे पर सिकन देखा जा सकता है

